एक नज़र में एनवीएस में प्रशिक्षण
Thur Dec 7 2017 , 13:28:16

नवोदय विद्यालय समिति

Navodaya Vidyalaya Samiti

( An Autonomous Body Under Ministry of Education ) Government Of India

नवोदय विद्यालय में प्रशिक्षण की अवधारणा

नवोदय विद्यालय योजना, समूचे देश में विशेषकर ग्रामीण बच्चों के लिए गति-निर्धारक संस्थान स्थापित करने की एक अनूठी योजना है। अपने निर्धारित उद्देश्यों को हासिल करने के लिए समिति के पास उपलब्ध सबसे महत्वपूर्ण साधन ‘अध्यापक’ के रूप में उसका मानव संसाधन है। अतः यह आवश्यक है कि अध्यापकों को उनकी व्यावसायिक क्षमता में वृद्धि करने एवं शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक नवीनतम, पाठ्यचर्या संबंधी सुधारों और सूचना प्रौद्योगिकी के प्रति जागरूक बनाए रखने के लिए लगातार संस्थागत सहायता सुलभ करवाई जाए।

नवोदय विद्यालय के लिए अध्यापकों की भर्ती अखिल भारतीय स्तर पर खुली प्रतियोगिता के द्वारा की जाती है। विषय-वस्तु एवं प्रणाली विज्ञान दोनों प्रकार के व्यावसायिक विकास के उन्नयन के लिए सेवाकालीन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, नवोदय विद्यालय योजना से बाहरी एवं आंतरिक संसाधनों के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं । इन अध्यापकों को केवल वरिष्ठ अथवा चयन वेतनमान प्राप्त करने की योग्यता हासिल करने के लिए ही नहीं बल्कि नवोदय विद्यालय योजना की गति नियामक विशेषताओं को बनाए रखने के लिए प्रत्येक पांच वर्ष में कम से कम एक बार 21 दिवसीय सेवाकालीन प्रशिक्षण लेना होता है। लम्बी अवधि (21 दिन) के सेवाकालीन प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के अलावा अल्पकालीन प्रवेश अभिमुखीकरण पाठ्यक्रम, संगोष्ठियां, कार्यशालाएँ इत्यादि भी अध्यापकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के एक भाग के रूप में प्रत्येक वर्ष आयोजित किए जाते हैं।

अध्यापकों को नवाचार एवं प्रयोग के द्वारा उच्च-स्तरीय योग्यता हासिल करने में मदद करने के लिए उन्हें प्रशिक्षण प्रदान करना अध्यापन कौशल उन्नयन का महत्वपूर्ण पहलू है। विद्यालयों में आधुनिक शैक्षिक तकनीक, उचित अंतर-वैयक्तिक संबंध, सही प्रकार के शैक्षिक वातावरण, मूल्य अभिमुखीकरण, परस्पर बातचीत और पठन-पाठन प्रक्रिया में सहभागिता के दृष्टिकोण पर जोर दिया जाता है। समिति ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन विश्वविद्यालय, क्षे़त्रीय शिक्षा संस्थान, भारतीय लोक प्रशासन संस्थान जैसे देश के उच्चतर शिक्षण संस्थानों के सहयोग से अध्यापकों को सेवापूर्व एवं सेवाकालीन प्रशिक्षण दिलाने पर भी ध्यान दिया है।

प्रशिक्षण कार्यक्रमों के उद्देश्य

  • बेहतर जागरूकता के लिए समिति की नीतियों, कार्यक्रमों और पहल का प्रचार-प्रसार।
  • प्रशिक्षण द्वारा अध्यापकों के प्रेरणा-स्तर का लगातार उन्नयन करना।
  • कम से कम पांच वर्ष में एक बार शिक्षण और शिक्षणेतर कर्मचारियों के कौशल का लगातार उन्नयन।
  • नए अध्यापकों के लिए सुसंरचित प्रवेश कार्यक्रम।
  • कमजोर अध्यापकों के लिए शिक्षण सामग्री का उन्नयन।
  • संसाधनों को बाँटने और क्षमता निर्माण के लिए बाहरी विशेष एजेंसियों से सहयोग करना।
  • कर्मचारियों को विशेषीकृत क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान करना, जिससे इन्हें अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन कुशलता पूर्वक करने के लिए तैयार किया जा सके।

आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम

पाठ्यक्रमों की वर्ष वार संख्या

प्रशिक्षणार्थियों की वर्षवार संख्या

न.वि.स. में प्रशिक्षण तीन स्तर पर दिया जाता है:-

  1. सात नवोदय नेतृत्व संस्थान
  2. आठ क्षेत्रीय कार्यालय
  3. विशेषीकृत बाह्य एजेंसियों के माध्यम से मुख्यालय स्तर पर

नविस में प्रशिक्षण कार्यक्रम

  1. नए भर्ती शिक्षकों हेतु 21 दिवसीय का प्रवेश पाठ्यक्रम
  2. शिक्षकों हेतु 10 दिवसीय सामग्री संवर्धन पाठ्यक्रम
  3. गैर शैक्षिक कर्मचारियों हेतु 10/5 दिवसीय अनुस्थापन पाठ्यक्रम
  4. शिक्षकों हेतु 05 दिवसीय सिस्टम आधारित कार्यशाला
  5. रचनात्मक शिक्षकों हेतु 05 दिवसीय अनुस्थापन पाठ्यक्रम

प्रशिक्षण का ध्यानाकर्षण क्षेत्र

  • विषय सामग्री संवर्द्धन
  • नए भर्ती कर्मचारियों के लिए प्रवेश पाठ्यक्रम
  • नए प्रोन्नक कर्मचारियों के लिए अनुस्थापन पाठ्यक्रम ।
  • शिक्षकों के लिए कक्षा कक्ष प्रबंधन
  • हाउस मास्टरों के लिए मार्गदर्शन और परामर्श।
  • रचनात्मक शिक्षकों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम
  • गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम
  • सुरक्षा एवं संरक्षा पर सुग्राहीकरण कार्यक्रम
  • नागरिक जागरूकता कार्यक्रम
  • पर्यावरण जागरूकता के लिए ग्रीन स्कूल कार्यक्रम

विशिष्ट क्षेत्रों में प्रशिक्षण के लिए सम्मिलित विशेषीकृत प्रशिक्षण एजेंसियां

  • आईएसटीएम, नई दिल्ली (आरटीआई / अनुशासनात्मक कार्यवाही / वित्तीय सेवा नियम आदि)
  • आईआईपीए नई दिल्ली (डीटीएस / सुशासन / व्यवहार कौशल आदि)
  • भारतीय विज्ञान संस्थान, चित्रदुर्ग (भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित और जीवविज्ञान में सीईपी)
  • एनसीईआरटी / आरआईई (विभिन्न विषयों / मार्गदर्शन और परामर्श में सीईपी)
  • राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान, नई दिल्ली
  • रामकृष्ण मिशन, नई दिल्ली (मूल्य शिक्षा)
  • आरआईएमएसई, मैसूर (मूल्य शिक्षा)
  • विज्ञान और पर्यावरण केंद्र, नई दिल्ली (पर्यावरण जागरूकता)
  • निमहंस, बंगलौर (बाल मनोविज्ञान और भावनात्मक कल्याण)
  • एनआईएफएम, फरीदाबाद (अर्थशास्त्र और वाणिज्य में सीईपी)
  • कैवलियाधा, लोनावला (योग)