छात्र प्रवसन
Thur Dec 7 2017 , 13:28:16

नवोदय विद्यालय समिति

Navodaya Vidyalaya Samiti

(शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अधीनस्थ एक स्वायत्त संस्थान)

राष्ट्रीय एकता के लिए विद्यार्थियों का प्रवसन

भारतीय संस्कृति एवं जनसाधारण में पाई जाने वाली अनेकता में एकता का भलीभांति बोध कराने के लिए किसी एक भाषा-भाषी क्षेत्र के नवोदय विद्यालय के विद्यार्थियों का अन्य भाषा-भाषी क्षेत्र के नवोदय विद्यालय में प्रवसन करना नवोदय विद्यालय योजना की एक प्रमुख विशेषता है। इस योजना के अनुसार 9वीं कक्षा के 30 प्रतिशत विद्यार्थियों को एक नवोदय विद्यालय से दूसरे नवोदय विद्यालय में एक शैक्षणिक सत्र हेतु भेजा जाता है।

सामान्यतः यह प्रवसन हिंदी भाषी एवं हिंदीतर भाषी जिलों के बीच होता है। विद्यार्थी प्रवसन योजना की शुरुआत एक साधारण स्तर पर 1988-89 में केवल दो जवाहर नवोदय विद्यालयों के 31 विद्यार्थियों के प्रवसन द्वारा प्रारम्भ की गई थी । इन 28 वर्षों की अवधि में प्रवसन का कार्य काफ़ी विस्तृत रूप ले चुका है। जिसने भारत में स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में हासिल की जा रही सफलताओं में विशेष स्थान प्राप्त किया है।

प्रवसन और त्रिभाषा सूत्र

प्रवसन - राष्ट्रीय एकता को प्रोन्नत करने के उद्येश्य से एक वर्ष हेतु 9वीं कक्षा के 30 प्रतिशत विद्यार्थियों का विभिन्न भाषा-भाषी क्षेत्रों के संबद्ध (लिंक्ड) जवाहर नवोदय विद्यालयों के मध्य छात्र विनिमय कार्यक्रम समिति की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। यह योजना त्रिभाषा सूत्र का क्रियान्वनय सुलभ कराती है।

हिन्दी भाषा-भाषी जिलों में पढ़ाई जाने वाली तृतीय भाषा विद्यार्थियों के प्रवसन से जुड़ी है। स्थल के अनुसार होती है। हिन्दी भाषा-भाषी जिलों में स्थित जवाहर नवोदय विद्यालयों में पढ़ाई जा रही तृतीय भाषा उन हिन्दीतर भाषी 30 प्रतिशत विद्यार्थियों की मातृ भाषा होती है। जो उस जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवसित हुए हैं। यह भाषा सबके लिए अनिवार्य है । हिंदीतर भाषी क्षेत्रों में स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय सामान्य सूत्र अर्थात क्षेत्रीय भाषा, हिंदी और अंग्रेजी का पालन करते है।

वर्ष 2019-2020 में विद्यार्थियों का प्रवसन

    हिंदी भाषी जिलों से रवसन हिंदीतर भाषी जिलों से प्रवसन
क्र.सं संभाग ज.न.वि छात्र छात्राएं सामान्यं अ.जा. अ.ज.जा कुल ज.न.वि छात्र छात्राएं सामान्यं अ.जा अ.ज.जा कुल
1. भोपाल 82 876 512 679 345 364 1388 31 358 225 258 138 187 583
2. चंडीगढ़ 17 131 103 117 90 27 234 38 256 177 181 225 27 433
3. हैदराबाद 0 0 0 0 0 0 0 74 813 567 883 331 166 1380
4. जयपुर 58 720 406 646 353 127 1126 0 0 0 0 0 0 0
5. लखनऊ 84 699 350 666 333 50 1049 0 0 0 0 0 0 0
6. पटना 65 519 255 468 186 120 774 19 117 70 89 68 30 187
7. पुणे 0 0 0 0 0 0 0 70 722 448 727 240 203 1170
8. शिलांग 0 0 0 0 0 0 0 90 335 152 231 68 188 487
योग   306 2945 1626 2576 1307 688 4571 322 2601 1639 2369 1070 801 4240