सह पाठयचार्य
Thur Dec 7 2017 , 13:28:16

नवोदय विद्यालय समिति

Navodaya Vidyalaya Samiti

( An Autonomous Body Under MHRD ) Government Of India

1. राष्ट्रीय खेलकूद समागम

नवोदय विद्यालय समिति ने देशभर के ज.न.वि.में वर्ष 2016-17 के दौरान 27वें संकुल/संभागीय/राष्ट्रीय खेलकूदों का आयोजन किया गया। न.वि.स. के छात्रों ने निम्नलिखित 17 प्रतियोगिताओं में भाग लिया। खेल-कूद तीन स्तरों अर्थात क्लस्टर, संभागीय और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कराए जाते हैं। चयनित टीम ने 62 वें एस.जी.एफ.आई. समागम में भाग लिया ।

जवाहर नवोदय विद्यालयों में राष्ट्रीय कैडेट कोर

‘‘एकता और अनुशासन’’ के आदर्श को बनाये रखने के लिए नवोदय विद्यालय समिति, जवाहर नवोदय विद्यालयों में राष्ट्रीय कैडेट कोर क्रियाकलाप आयोजित करती है, इनका लक्ष्य है:

  1. युवाओं को सुयोग्य नागरिक बनाने हेतु उनमें चारित्रिक गुणों का विकास, साहस, साहचर्य, अनुशासन, नेतृत्व, धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण, जोखिम उठाना, क्रीड़ा-कौशल एवं निःस्वार्थ सेवा के आदर्शों का विकास करना।
  2. सशस्त्र सेना सहित जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में नेतृत्व प्रदान करने हेतु एक संगठित, प्रशिक्षित एवं सक्रिय युवा मानव संसाधन का सृजन करना जो हमेशा राष्ट्र सेवा के लिए तत्पर हो।

जवाहर नवोदय विद्यालयों में राष्ट्रीय कैडेट कोर का पदार्पण चरणबद्ध ढंग से हो रहा है। आज की तिथि में समिति के 264 जवाहर नवोदय विद्यालयों में कुल 18744 कैडेट हैं। राष्ट्रीय कैडेट कोर प्रशिक्षण के हिस्से के रूप में जवाहर नवोदय विद्यालयों के कैडेटों ने अनेक एन.सी.सी. शिविरों में हिस्सा लिया और अपना संवर्धन किया। हमारे कैडेटों ने राष्ट्रीय कैडेट कोर दिवस और कौमी एकता दिवस मनाए। श्रमदान और सामुदायिक कार्यक्रमों जैसे कार्यकलाप आयोजित किए।

राष्ट्रीय कैडेट कोर के माध्यम से आयोजित साहसिक कार्यक्रम

(क) रायफल शूटिंग: ज.न.वि. के विद्यार्थी एन.सी.सी. के प्रशिक्षित कर्मचारियों की देख-रेख में रायफल शूटिंग का प्रशिक्षण पाते हैं, जिससे उनको अपने जीवन में कुछ साहसिक कार्य का अनुभव होता है।

(ख) कैंपिंग: प्रायः एन.सी.सी. प्राधिकारी संपूर्ण भारत-वर्ष में कैंप लगाते हैं, जहॉं ज.न.वि.विद्यार्थी ट्रैकिंग, पर्वतारोहण, चट्टान आरोहण, तैरना, मार्शल आर्ट, जूडो इत्यादि का प्रशिक्षण लेते हैं।

जवाहर नवोदय विद्यालयों में स्काउट एवं गाइड कार्यकलाप

स्काउटिंग का लक्ष्य ‘स्काउट प्रॉमिज एवं लॉ’ पर आधारित मूल्य पद्धति के माध्यम से युवाओं की शिक्षा में सहयोग प्रदान करना है ताकि एक बेहतर समाज की स्थापना की जा सके, जहाँ व्यक्ति संतुष्ट हों एवं समाज में एक रचनात्मक भूमिका निभा सके। यद्यपि स्काउट एवं गाइड दोनों पृथक हैं, उनके कुछ सह शैक्षिक कार्यकलाप एक हैं जैसे - जमावड़े, रैलियाँ एवं सम्मेलन आदि। अपंग लड़के एवं लड़कियॉं भी स्काउटिंग कार्यक्रम में भाग लेते हैं। नवोदय विद्यालय समिति को भारत स्काउट्स और गाइड्स के अंतर्गत एक राज्य के रूप में स्काउट्स और गाइडस के लिए मान्यता दी गई है। बच्चों को स्काउट और गाइड आन्दोलन के दर्शन की जानकारी प्रदान करने के लिए विद्यालयों में तरह-तरह के कार्यकलाप आयोजित किये जाते हैं। वर्ष 2016-17 के दौरान 175 विद्यार्थी (स्काउट-113 + गाइड-62 ) राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किए गए हैं।

संग्रहालय

इस कार्यक्रम के अंतर्गत जवाहर नवोदय विद्यालय के विद्यार्थी अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को समझ सकते हैं और अपने वैश्विक मूल्यों को सुदृढ़ बना सकते हैं। यहॉं विद्यार्थी अपने राष्ट्रीय, ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनैतिक विकास के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 593 जवाहर नवोदय विद्यालयों में संग्रहालय स्थापित किए गए हैं। विद्यार्थियों को लाभान्वित करने की दृष्टि से इसे स्थापित करने एवं इसका अनुरक्षण करने हेतु ज.न.वि. को रु. 10,000/- की अनुदान सहायता दी जाती है।

मल्टी जिम

जवाहर नवोदय विद्यालयों में मल्टी जिम सुविधा स्वास्थ्य, शारीरिक एवं मानसिक क्षमता का विकास करने और आपसी सहयोग एवं खेल भावना को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदान की जाती है। इसे 515 जवाहर नवोदय विद्यालयों में लागू किया गया है।

राष्ट्रीय सेवा योजना

युवा मामले और खेलकूद मंत्रलय की मद्द से नवोदय विद्यालय समिति द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यकलापों का आयोजन शुरू किया गया है। राष्ट्रीय सेवा योजना शैक्षणिक कार्यकलापों में एक महत्वपूर्ण प्रयोग है। सतत सामुदायिक संवादों द्वारा विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच स्वैच्छिक कार्य की भावना जागती है और इससे हमारे शैक्षणिक संस्थानों की समाज से निकटता बढ़ती है। इसके उद्येश्यों ‘‘मैं नहीं आप’’ से इस कार्यक्रम द्वारा इस बात को स्पष्ट रूप से दर्शाने में सहायता मिलती है कि किस तरह से ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित कार्यकलाप एवं विशिष्ट कैम्पिंग कार्यक्रमों के माध्यम से ज्ञान (शिक्षा) को क्रिया (समुदाय सेवा) से जोड़ा जाता है।

किशोर शिक्षा कार्यक्रम

नवोदय विद्यालय समिति सन् 2005 से यू.एन.एफ.पी.ए./एन.सी.ई.आर.टी. एवं मानव संसाधन विकास मंत्रलय के सहयोग से किशोर शिक्षा कार्यक्रम चला रही है। इसमें मुख्य जोर जीवन कौशल शिक्षा प्रदान करने और किशोर विद्यार्थियों को शारीरिक विकास की प्रक्रिया एवं लैंगिक मुद्दों पर तथ्यात्मक जानकारी प्रदान करने तथा एच.आई.वी./एडस्, मादक द्रव्यों के सेवन आदि से संबंधित गलत धारणाओं एवं मिथकों के बारे में स्पष्टीकरण देने पर जोर दिया जाता है। किशोर शिक्षा कार्यक्रम की शुरूआत वर्ष 2010-12 में की गई थी, जिसे विभिन्न राज्यों को समाहित करते हुए 8 संभागीय कार्यालयों के अंतर्गत 594 ज.न.वि.में विस्तारित किया गया है । जवाहर नवोदय विद्यालय स्टाफ नर्सों र्के माध्यम से भी किशोर छात्रों को परामर्श सेवाएं प्रदान करते हैं। स्टाफ नर्सों र्काे मूल परामर्श कौशल-जैसे समस्या सुलझाने के तरीकों और इन्हें प्रयोग करने, आदि में प्रशिक्षित किया गया है। शिक्षकों, प्राचार्यों, स्टाफ नर्सों और संभागीय/मुख्यालय के अधिकारियों के लिए विभिन्न प्रकार के कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।

नवोदय विद्यालयों में विद्यार्थियों का अनुभव

नवोदय विद्यार्थी कक्षा- VI से XII तक के अपने पठन-पाठन के दौरान विभिन्न लाभदायक गतिविधियों में सम्मिलित होते हैं। नवोदय विद्यार्थियों द्वारा उनके जीवन काल के सात वर्षों के अनुभव में की जा रही विभिन्न गतिविधियों का सार निम्न प्रकार है:-

अनुभव का क्षेत्र अनुसूचित गतिविधियां ज.न.वि. में आवास के दौरान प्रतिभागिता
कक्षा संवाद 5 घंटे प्रतिदिन 8300 घंटे
अध्यूयन काल 3 घंटे प्रतिदिन 4400 घंटे
शारीरिक व्या याम 30 मिनट प्रतिदिन 840 घंटे
खेलकूद 1 घंटा प्रतिदिन 1600 घंटे
प्रात:कालीन सभा गतिविधियां 20 मिनट प्रतिदिन 550 घंटे
बाह्य विषय विशेषज्ञों से संवाद 30 मिनट साप्ता्हिक 125 घंटे
प्रदर्शन कला 02 पीरियड, प्रति सप्ता ह 325 घंटे
ललित कला 02 पीरियड, प्रति सप्ता ह 325 घंटे
यात्राएं क्ल्स्ट र, प्रवसन, संभाग, प्रतियोगिताएं आदि 500 कि.मी.
भाषा प्रवीणता 3 भाषाएं 3 भाषाएं
आई.सी.टी. 80 मिनट प्रति सप्ता ह 325 घंटे
स्वा-सहायता (स्वा वलंबन) कक्ष को साफ करना और व्यहक्ति्गत कार्य आदि 1600 घंटे
मुख्या पाठ्यक्रम से अलग जीवन निम्नालिखित कौशलों को विकसित करने हेतु संपूर्ण वर्ष अनुसूचित
काशैल कलाओं में भागीदारी नियमित रूप से गतिविधियां की जाती हैं :
  1. आत्मम जागरूकता
  2. संवेदना
  3. महत्वनपूर्ण सोच
  4. रचनात्म क सोच
  5. निर्णय लेना
  6. समस्या सुलझाना
  7. प्रभावकारी संप्रेषण
  8. पारस्पकरिक संबंध
  9. तनाव नियंत्रण
  10. भावनाओं पर नियंत्रण
  11. सामुदायिक सेवा
  12. सौंदर्यशास्त्र का अनुभव
  13. यात्रा
  14. बैंक लेन-देन
  15. बागवानी
  16. किशोरावस्थात शिक्षण
  17. लैंगिक संवेदना
गतिविधियों में सम्मधलित किए जाते हैं।

 

नवोदय विद्यालय समिति द्वारा राष्ट्रीय साम्प्रदायिक सदभावना प्रतिष्ठान (एन.एफ.सी.एच.) के सहयोग से प्रतियोगिताएं आयोजित करना

यह संगठन गृह मंत्रलय, भारत सरकार के अधीन एक स्वायत्त संगठन है और आतंकवाद, जातीय, नस्लीय या दूसरे प्रकार की सामाजिक हिंसा से पीडि़त व्यक्तियों की देखभाल, उनके पुनर्वास एवं उनके बच्चों को शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करके उन्हें समाज की मुख्य धारा में लाने में मदद करता है। नवोदय विद्यालय समिति द्वारा राष्ट्रीय साम्प्रदायिक सदभावना प्रतिष्ठान के सहयोग से क्लस्टर स्तर, संभाग स्तर एवं राष्ट्रीय स्तर पर निम्नलिखित प्रतियोगिताएं आयोजित की है।

  1. वरिष्ठ वर्ग (कक्षा-9 से 12) हेतु निबंध लेखन प्रतियोगिता
  2. कनिष्ठ वर्ग (कक्षा-6 से 8) हेतु कहानी लेखन प्रतियोगिता
  3. वरिष्ठ वर्ग (कक्षा-9 से 12) हेतु चित्रकला प्रतियोगिता
  4. कनिष्ठ वर्ग (कक्षा-6 से 8) हेतु चित्रकला प्रतियोगिता

क्लस्टर, संभाग और राष्ट्रीय स्तर के विजेताओं को राष्ट्रीय साम्प्रदायिक सदभावना प्रतिष्ठान द्वारा नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। ये प्रतियोगिताएं 4 स्तरों अर्थात विद्यालय स्तर, क्लस्टर स्तर, संभाग स्तर और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जाती हैं और क्लस्टर/संभाग तथा राष्ट्रीय स्तर के विजेताओं को एन-एफ-सी-एच- द्वारा पुरस्कार प्रदान किए जाते है, जबकि स्कूल स्तर के विजेताओं को एन.एफ.सी.एच. द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए जाते हैं।

स्वच्छता अभियान

सभी जवाहर नवोदय विद्यालयों में स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया है । कलस्टर स्तर पर गठित विशेष समितियों ने 6 मुख्य शीर्षों के अंतर्गत 72 स्वच्छता बिंदुओं के कार्यन्वयन का आकलन किया है । तदनुसार कुल 595 नवोदय विद्यालयों में से निम्नलिखित 05 जवाहर नवोदय विद्यालयों को स्वच्छता का कार्यान्वयन करने हेतु सर्वश्रेष्ठ चयनित किया गया है।

क्र.सं. विद्यालय का नाम संभाग
1 ज.न.वि. रतनागिरि, महाराष्ट्र पुणे
2 ज.न.वि. हावेरी, कर्नाटक हैदराबाद
3 ज.न.वि. करौली, राजस्थान जयपुर
4 ज.न.वि. राजसमंद, राजस्थान जयपुर
5 ज.न.वि. महाराजगंज, उत्तर प्रदेश लखनऊ
6 ज.न.वि. सोनितपुर, असम शिलांग

 

पेस्टालॉजी छात्रवृत्ति

पेस्टालोजी इंटरनेशनल विलेज इंग्लैंड की एक धर्मार्थ संस्था है जो नवोदय विद्यालय समिति के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के तौर पर हेस्टिंग कॉलेज आफ आर्ट एण्ड टेक्नोलॉजी से इंटरनेशनल बैक्कालुड़रेट डिप्लोमा प्रदान करती है। अब तक हमने जवाहर नवोदय विद्यालयों के 33 विद्यार्थियों को इस कार्यक्रम के अंतर्गत इंग्लैण्ड भेजा गया है, जो जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, स्पेन, अमेरिका आदि देशों में विभिन्न क्षेत्रों में इस छात्रवृति से आधुनिक एवं गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा अधिकांशतः मुफ्त पा रहे हैं।

  • पेस्टालॉजी और अन्य साझीदार विद्यार्थी चयन मानदंडों का अनुपालन करने वाले विद्यार्थियों के चयन हेतु भारत में एक साथ काम करना चाहते हैं।
  • इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य पेस्टालॉजी और अन्य साझीदारों के आपसी संबंधों को रेखांकित करना है ताकि प्रत्येक पार्टी समझ सके कि उनसे क्या अपेक्षित है।
  • यह समझौता ज्ञापन पेस्टालॉजी और अन्य साझीदारों के मध्य विधिक साझेदारी सृजित नहीं करता है।  पेस्टालॉजी भारत में एक से अधिक साझेदारों का प्रयोग कर सकता है।
  • स्टालॉजी भारत में एक से अधिक साझेदारों का प्रयोग कर सकता है और यह साझेदारी पेस्टालॉजी द्वारा किसी ऐसे साझेदार को बिना सम्मिलित किए अपनी छात्रव"त्ति के विपणन तथा प्रोन्नत के अधिकार को प्रभावित नहीं करेगी।

राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा(एन.टी.एस.ई.)

राष्ट्रीय प्रतिभा खोज योजना एन.सी.ई.आर.टी. की एक अग्रणी गतिविधि है, जिसे 1963 में आरम्भ किया गया था। राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा एक राष्ट्रीय स्तर का छात्रवृति कार्यक्रम (परीक्षा) है, जिसे राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा देशभर के प्रतिभावान विद्यार्थियों की पहचान करने और उनका उत्थान करने हेतु आयोजित किया जाता है। योग्य छात्रों को पूरे शैक्षणिक कैरियर हेतु छात्रवृति की सुविधा द्वारा मासिक आधार पर वित्तीय सहायता दी जाती है। एन.टी.एस.ई. छात्र की पहचान हमेशा एक विलक्षण विद्यार्थी के रूप में है क्योंकि एन-टी-एस-ई- को भारत में हाई स्कूल स्तर पर एक अति प्रतिष्ठित परीक्षा माना गया है। इस परीक्षा हेतु कक्षा-10 की परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थी पात्र होते हैं। वर्ष 2016-17 के दौरान राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर पर एन.टी.एस.ई. में भाग लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या क्रमशः 11086 एवं 640 रही है।

किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना (के.वी.पी.वाई.)

किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना मूल विज्ञानों में चलायी जा रही एक राष्ट्रीय फैलाशिप कार्यक्रम है, जिसे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा विशिष्ट होनहार छात्रों को मूल विज्ञान पाठ्यक्रमों एवं अनुसंधान में करियर बनाने हेतु आकर्षित करने के लिए वित्त पोषित किया जाता है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य अनुसंधान हेतु प्रतिभावान एवं कुशल विद्यार्थियों की पहचान करना,उनकी शैक्षणिक क्षमता को पहचानने में मदद करना, उन्हें विज्ञान में अनुसंधान करियर चुनने हेतु प्रोत्साहित करना और देश में अनुसंधान एवं विकास हेतु उत्तम शैक्षणिक मस्तिष्कों का विकास करना है।

संभागीय विज्ञान कांग्रेस

नवोदय विद्यालय योजना का मुख्य उद्देश्य मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। हम विद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार के लिए सतत प्रयास कर रहे हैं, जो बच्चों की योग्यताओं और रचनात्मकता, नवाचार, अनुसंधान, प्रश्न करने, गहन विचार करने एवं विश्लेजण करने की उनकी क्षमता पर आधारित है। इस संबंध में संपूर्ण गतिविधियों से युक्त संभागीय विज्ञान कांग्रेस आयोजित करने की आवश्यकता है, ताकि जवाहर नवोदय विद्यालयों के छात्रों में वैज्ञानिक सोच उत्पन्न करने और विज्ञान प्रतिभा को बढ़ाया जा सके।

संभाग स्तरीय विज्ञान कांग्रेस आयोजित करने के उद्देश्य और कार्यप्रणाली निम्नानुसार है:

कार्यक्रम के उद्देश्य

  • प्रतिभावान युवा विद्यार्थियों को एक ऐसा मंच देना जो उन्हें सजग करे और उनकी प्राकृतिक जिज्ञासा को बढ़ाए तथा देखने एवं प्रयोगों द्वारा उनकी सर्षनशीलता को निखारे।
  • विद्यार्थियों को प्रख्यात वैज्ञानिकों से रू-बरू मिलने, उनसे बातचीत करने और इस अद्वितीय अनुभव के रोमांच को महसूस करने और उन्हें अपना रोल मॉडल बनाने में मदद करना।
  • विद्यार्थियों का ज्ञानार्षन करने एवं नवाचार करने में मदद करने और भौतिक जगत एवं उनके आस-पास के सामाजिक वातावरण के संदर्भ द्वारा उनकी समस्याओं को सुलझाना।
  • मेधावी विद्याथियों को अपने विद्यालय की सीमा से बाहर जाने, राष्ट्रीय एवं अंतय मानक स्तर की प्रयोगशालाओं के दौरे द्वारा उन्हें और प्रोत्साहित करने का अवसर प्रदान करने तथा आंकडे़ एकत्र करने, उनका विश्लेष्ण करने एवं एक नतीजे पर पहुचने में उनकी सहायता करना।